गुजरात: सूरत एक वकील ने 13 वर्षीय रेप केस पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची का सितंबर 2025 में अपहरण किया गया था और 12 साल की उम्र में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। उसे नवंबर 2025 में बचाया गया और दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
आर्थिक तंगी के कारण उसके मजदूर माता-पिता ने एडवोकेट प्रणयराज रणवीर (43) से संपर्क किया ताकि वह अदालती कार्यवाही में निजी वकील के रूप में मदद करें। परिवार ने उन पर भरोसा किया कि वह न्याय की लड़ाई को मजबूत करेंगे। रणवीर ने 15000 रुपए फीस की मांग की। परिवार के पास पैसे नहीं थे तो वकील ने लड़की को अपने घर पर घरेलू सहायिका के रूप में काम करने का ऑफर दिया।
बच्ची जब उसके घर पहुंची उसे कमरे में कैद कर दिया। उसने बच्ची को पीटा, जबरन दुष्कर्म किया, अप्राकृतिक कृत्य किया। वकील ने मोबाइल पर वीडियो बनाकर बच्ची को चुप रहने के लिए ब्लैकमेल किया। डरी हुई लड़की ने पिता को बताया, जिससे सचिन जीआईडीसी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज हुई।
पुलिस ने 14 जुलाई को रणवीर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया और BNS तथा POCSO की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। जांच में पता चला कि उसके खिलाफ अहमदाबाद और सूरत के थानों में दहेज उत्पीड़न, शराबबंदी उल्लंघन, दंगा, मारपीट और नशे में ड्राइविंग जैसे लगभग छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।


